भुवनेश्वर। उड़ीसा के कंधमाल में पिछले साल हुई हिंसा के लिए केंद्र ने उड़ीसा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इससे प्रभावित लोगों से माफी मांगी है। उधर, राज्य सरकार ने माओवादियों से मुकाबला करने के लिए केंद्र से मदद की गुहार लगाई है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि कंधमाल में स्थिति सामान्य हो रही है लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। राज्य में नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियों पर उन्होंने कहा कि सीपीआई माओवादी एक आतंकवादी संगठन है और सरकार की उनके प्रति कोई हमदर्दी नहीं है। माओवादियों से निपटने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को हर संभव मदद देने की पेशकश की है।
गृह मंत्री सांप्रदायिक दंगों के बाद स्थापित किए गए राहत शिविरों में भी गए और दंगा पीड़ितों के समक्ष शर्मिदगी व्यक्त की। चिदंबरम ने दंगा पीड़ितों से कहा, 'मैं शर्मिंदा हूं। गत वर्ष 23 अगस्त और उसके बाद जो कुछ कंधमाल में घटा वह शर्मनाक और निंदनीय है।' उन्होंने आश्वस्त करते हुए शरणार्थियों से अपने गांवों को लौट कर नए सिरे से जिंदगी शुरू करने, प्रार्थना स्थलों का निर्माण करने और अपने अपने धर्म का पालन शुरू करने की अपील की।
शरणार्थियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल के डर की बात कही तो गृह मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों पर मुकदमा चला कर उन्हें दंडित किया जाएगा।
उधर, राज्य में बढ़ती माओवादी गतिविधियों के मद्देनजर उड़ीसा सरकार ने केंद्र से नक्सल प्रतिरोध प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए राशि देने, स्थानीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के पदाधिकारियों को भेजने और हेलीकाप्टरों की मांग की है।