रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनका देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ प्रतिबंध का समर्थन करने को तैयार है लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि इसका असर ईरानी जनता पर नहीं पड़ना चाहिए। मेदवेदेव ने यहां फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नियंत्रण में शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की ईरान से हमारी अपील अब तक निष्फल रही है। ईरान एक कठिन विषय है। दुर्भाग्यवश हम आगे नहीं बढ़ पाए हैं और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यदि बात नहीं बनी तो रूस अन्य सहभागियों के साथ प्रतिबंध पर विचार करने को तैयार है लेकिन प्रतिबंध आम नागरिक के खिलाफ नहीं होने चाहिए। मेदवेदेव फ्रांस की दो दिन की यात्रा पर हैं।
उल्लेखनीय है कि फ्रांस, ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए दंडित करने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र द्वारा कड़े प्रतिबंध का हिमायती है लेकिन रूस पहले से अपने ईरानी सहयोगी पर बहुत ज्यादा दबाव डालने के पक्ष में नहीं है।