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बंगाल सरकार झुकी माओवादियों के आगे

on अक्तूबर 21,2009

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पश्चिम बंगाल सरकार अपहृत एसओ अतिंद्रनाथ दत्ता की रिहाई के लिए माओवादियों से बातचीत को तैयार है। झारखंड के इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार जैसे हश्र की धमकी वजह रही हो या फिर अतिंद्रनाथ के परिजनों की मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य से मुलाकात, पश्चिम बंगाल सरकार के रुख में कुछ नरमी आई है।

माओवादियों ने मंगलवार को पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में सांकराइल थाने पर हमलाकर दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। एसओ अतिंद्रनाथ दत्ता को अगवा कर ले गए थे।

मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती ने बुधवार को कोलकाता में पत्रकारों से कहा-'माओवादियों पास कोई ठोस प्रस्ताव है तो अतिंद्रनाथ की रिहाई के मुद्दे पर सरकार उनसे बात करने को तैयार है। लेकिन मीडिया से जिस तरह की शर्ते बताई हैं, उनमें सभी को पूरा करना संभव नहीं है।' मुख्य सचिव ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार इस बात को नहीं भूल सकती है कि माओवादियों ने सांकराइल थाने पर हमला कर दो पुलिस कर्मियों की हत्या की है। अब देखना यह है कि माओवादी कोई सटीक प्रस्ताव भेजते हैं या नहीं। इससे पहले पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने कहा था-'हमारा पहला काम अपहृत एसओ को मुक्त कराना है। हम अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और हमारी ड्यूटी में वार्ता शामिल नहीं है।' भूपिंदर सिंह ने यह भी कहा था कि माओवादियों के सफाए की चुनौती पुलिस को स्वीकार है। लेकिन मुख्य सचिव ने कहा कि वह इसे चुनौती के रूप में नहीं लेते। फिलहाल सबसे बड़ी फिक्र अपहृत पुलिस अफसर को मुक्त कराने की है। उनकी जान को खतरे में डालना नहीं।

अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुए शीर्ष माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी ने कहा था कि पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में माओवादियों के खिलाफ अभियान में गिरफ्तार सभी आदिवासी महिलाओं को रिहा किया जाए। तभी एसओ अतिंद्रनाथ को मुक्त किया जाए। साथ में पुलिस संत्रास प्रतिरोध जनजागरण समिति के नेता छत्रधर महतो की रिहाई की मांग भी की थी। बुधवार को किशनजी ने कहा कि अतिन्द्रनाथ से उनके परिवार के किसी एक सदस्य से अगले एक-दो दिन के अंदर मुलाकात करवा सकते है। लेकिन इससे पूर्व वे सरकार को स्थिति स्पष्ट करने को कह रहे है। उन्होंने कहा कि अतिंद्रनाथ सुरक्षित हैं। लेकिन एक युद्धबंदी की तरह। उनका स्वास्थ्य भी ठीक है। किशनजी ने अतिंद्रनाथ को मीडिया के सामने भी शीघ्र पेश करने के लिए कहा है।

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सीएम ने एसओ के परिवार

को दिया आश्वासन

कोलकाता, जागरण ब्यूरो: सांकराइल थाने के अपहृत एसओ अतिंद्रनाथ दत्ता की पत्नी इंद्रानी दत्ता ने अपनी दो वर्षीय बेटी तथा सास-श्वसुर व भाई के साथ बुधवार को राइटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री बुद्धदेव भंट्टाचार्य से मुलाकात की और अपने पति को सकुशल घर लौटाने की गुहार लगाई।

परिवार के सदस्यों ने माओवादी नेता किशनजी से उनकी हुई बातचीत का ब्योरा भी मुख्यमंत्री को दिया। सरकार की ओर से ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की अपील की जो अतिंद्रनाथ के लिए नुकसानदेह हो। मुख्यमंत्री ने अतिंद्रनाथ की पत्नी व माता-पिता को आश्वस्त किया कि सरकार उन्हें सकुशल लौटाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उनकी पल-पल की खबर सरकार ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिंद्रनाथ सही सलामत हैं और सरकार ऐसा कुछ नहीं करेगी जो उनके लिए अशुभ हो।


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